ye hasraton ki mirii KHaak se numoo kya hai | ये हसरतों की मिरी ख़ाक से नुमू क्या है

  - R P Shokh
येहसरतोंकीमिरीख़ाकसेनुमूक्याहै
तिरेबग़ैरयेदुनिया-ए-रंग-ओ-बूक्याहै
तूयूँँभीसाथमिरेजाँ-ब-लबजुदाईमें
वगर्नायेजिएजानेकीआरज़ूक्याहै
तुम्हारीयादसेबढ़करकरेंइबादतक्या
बहेजबआँखसेख़ुदहीतोफिरवुज़ूक्याहै
सँभलकेयूँँवोनएहम-सफ़रकेसाथचला
कभीउसकोबतायाकिजुस्तुजूक्याहै
मैंआजअपनेमसीहासेकटकेआयाहूँ
मिराइलाजबतामेरेचारा-जूक्याहै
लहूतोवोकिबहेजबतोनक़्श-ए-यारबने
अपनारंगजमाएतोफिरलहूक्याहै
  - R P Shokh
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