awaaz de rahi hai ye kis ki nazar mujhe | आवाज़ दे रही है ये किस की नज़र मुझे

  - Qamar Jalalabadi
आवाज़देरहीहैयेकिसकीनज़रमुझे
शायदमिलेकिनारावहींडूबकरमुझे
चाहातुझेतोख़ुदसेमोहब्बतसीहोगई
खोनेकेबादमिलगईअपनीख़बरमुझे
हरइकक़दमपेसाथहूँसायाहूँमैंतिरा
बे-वफ़ादिखातोज़राभूलकरमुझे
दुनियाकोभूलकरतिरीदुनियामेंगया
लेजारहाहैकौनइधरसेउधरमुझे
दुनियाकाहरनज़ारानिगाहोंसेछीनले
कुछदेखनानहींहैतुझेदेखकरमुझे
  - Qamar Jalalabadi
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