zehan men kaun se aaseb ka dar baandh liya | ज़ेहन में कौन से आसेब का डर बाँध लिया

  - Qaisar-ul-Jafri
ज़ेहनमेंकौनसेआसेबकाडरबाँधलिया
तुमनेपूछाभीनहींरख़्त-ए-सफ़रबाँधलिया
बे-मकानीकीभीतहज़ीबहुआकरतीहै
उनपरिंदोंनेभीएकएकशजरबाँधलिया
रास्तेमेंकहींगिरजाएतोमजबूरीहै
मैंनेदामान-ए-दरीदामेंहुनरबाँधलिया
अपनेदामनपेनज़रकरमिरेहाथोंपेजा
मैंनेपथराओकियातूनेसमरबाँधलिया
घरखुलाछोड़केचुपकेसेनिकलजाऊँगा
शामहीसेसर-ओ-सामान-ए-सहरबाँधलिया
उम्रभरमैंनेभीसाहिलकेक़सीदेलिक्खे
मेरेबच्चोंनेभीइकरेतकाघरबाँधलिया
हारबेदर्दहवाओंसेमानी'क़ैसर'
बादबाँफेंककेक़दमोंसेभँवरबाँधलिया
  - Qaisar-ul-Jafri
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