saari duniya ke taalluq se jo socha jaata | सारी दुनिया के त'अल्लुक़ से जो सोचा जाता

  - Qaisar-ul-Jafri
सारीदुनियाकेत'अल्लुक़सेजोसोचाजाता
आदमीइतनेक़बीलोंमेंबाँटाजाता
दिलकाअहवालपूछोकिबहुतरोज़हुए
इसख़राबेकीतरफ़मैंनहींआताजाता
ज़िंदगीतिश्ना-दहानीकासफ़रथीशायद
हमजिधरजातेउसीराहपेसहराजाता
शामहोतेहीकोईशम्अजलारखनीथी
जबदरीचेसेहवाआतीतोदेखाजाता
रौशनीअपनेघरोंदोंमेंछुपीथीवर्ना
शहरकेशहरपेशब-ख़ूनमाराजाता
सारेकाग़ज़पेबिछीथींमिरीआँखें'क़ैसर'
इतनेआँसूथेकिइकहर्फ़लिक्खाजाता
  - Qaisar-ul-Jafri
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