yoon dil-e-deewaana ko akshar saza deta hoon main | यूँं दिल-ए-दीवाना को अक्सर सज़ा देता हूँ मैं

  - Qaisar Sidddiqui
यूँंदिल-ए-दीवानाकोअक्सरसज़ादेताहूँमैं
अपनीबर्बादीपेख़ुदहीमुस्कुरादेताहूँमैं
ऐसीमंज़िलपरमुझेपहुंचादियाहैइश्क़ने
मेराजोक़ातिलहैउसकोभीदु'आदेताहूँमैं
क्यूँँंकिसीकानामलेकरइश्क़कोरुस्वाकरूँं
अपनेदिलकीआगकोख़ुदहीहवादेताहूँमैं
ज़िक्रयूँंकरताहूँअपनेग़मकाअपनेदर्दका
होशवालोंकोभीदीवानाबनादेताहूँमैं
क्यागुज़रतीहैमिरेदिलपरख़ुदाराकुछपूछ
दुश्मनोंकोजबतलकघरकापतादेताहूँमैं
अपनीहीआवाज़ख़ुदलगतीहैमुझकोअजनबी
जबअकेलेमेंकभीतुझकोसदादेताहूँमैं
नश्तर-ए-याद-ए-ग़म-ए-जानांसे'क़ैसर'इनदिनों
ज़ख़्मजोसोतेहैंउनकोफिरजगादेताहूँमैं
  - Qaisar Sidddiqui
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy