teri be-rukhi mirii maut thii hua iltifaat kabhi kabhi | तेरी बे-रुख़ी मिरी मौत थी हुआ इल्तिफ़ात कभी कभी

  - Qaisar Haideri Dehlvi
तेरीबे-रुख़ीमिरीमौतथीहुआइल्तिफ़ातकभीकभी
तिरेइल्तिफ़ातकीख़ैरहोकिमिलीहयातकभीकभी
रह-ए-आरज़ूमेंकहींकहींमुझेरोकदेतेहैंहादसे
ग़म-ए-इश्क़हैमिरामुस्तक़िलग़म-ए-काएनातकभीकभी
मिरीजुम्बिश-ए-लब-ए-ग़म-ज़दाजोतिरेमिज़ाजपेबारहै
मिरेआँसुओंकीज़बाँसेसुनग़म-ए-दिलकीबातकभीकभी
नहींएकहालमेंकुछमज़ाकरोचाशनीभीमुझेअता
मिरीज़िंदगीकेसुकूतमेंनईवारदातकभीकभी
वोजहाँकहींनज़रगएबड़ाइत्तिफ़ाक़हसींरहा
मुझेतीरगीथीनसीबमेंमिलीचाँदरातकभीकभी
मैंज़मीं-नवर्दथाइश्क़मेंमगरऐसेमोड़भीगए
मह-ओ-मेहरतकमुझेलेगयासफ़र-ए-हयातकभीकभी
तिरा'क़ैसर'अम्न-ओ-सुकूँमेंभीबचाफ़रेब-ए-जमालसे
तिरीइकनिगाहसेखुलगयादर-ए-हादसातकभीकभी
  - Qaisar Haideri Dehlvi
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