vo log jin ko hayaat apni ghamon men doobi hui milegi | वो लोग जिन को हयात अपनी ग़मों में डूबी हुई मिलेगी

  - Qais Rampuri
वोलोगजिनकोहयातअपनीग़मोंमेंडूबीहुईमिलेगी
अगरमिरेसाथसाथआएँतोइकनईज़िंदगीमिलेगी
उन्हींकोहाँबसउन्हींको'क़ैस'मंज़िल-ए-ज़िंदगीमलेगी
मुसीबतोंकेहुजूममेंभीलबोंपेजिनकेहँसीमलेगी
क़फ़सकीतारीकख़ल्वतोंपरहैंमो'तरिज़क्यूँँयेअहल-ए-दुनिया
चमनमेंभीआशियाँजलेंगेतोफिरकहींरौशनीमिलेगी
मैंतेरीआँखोंकेआसरेपरहीमय-कदेसेउठाथालेकिन
येक्याख़बरथीकितेरीआँखोंसेऔरभीतिश्नगीमिलेगी
अगरउजालोंकीहैतमन्नाबुझनेपाएचराग़दिलका
किदिलमेंजबरौशनीहोगीतोहरतरफ़तीरगीमिलेगी
क़समहैतुमकोमिरेमुक़द्दरकीयूँँसवारोअपनीज़ुल्फ़ें
तुम्हींअगरउलझनेंदोगेतोफिरकहाँज़िंदगीमिलेगी
येलोगजोख़ंदा-ज़नहैंमुझपरइन्हेंकुछइसकीख़बरनहींहै
किमेरीरूदाद-गुम-रहीसेज़मानेकोरहबरीमिलेगी
  - Qais Rampuri
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