aankh un ki nahin dareecha hai | आँख उन की नहीं दरीचा है

  - Qadeer Ayaz
आँखउनकीनहींदरीचाहै
इसदरीचेमेंख़ुदकोदेखाहै
दिलपेनश्तरचलाकेपूछतेहैं
हाल-ए-दिलअबजनाबकैसाहै
भूकासबकोउठातावोलेकिन
भूकाहरगिज़नहींसुलाताहै
दोस्तहीतज़्किरानहींकरते
दुश्मनोंमेंभीमेराचर्चाहै
वोग़रीबोंकोदानक्याकरता
धर्मईमानजिसकापैसाहै
मेरीफ़ितरतसेवोजुदानिकला
यूँँतोकहनेकोमेराबेटाहै
महँगाअबतोयहाँहैपानीतक
ख़ून-ए-इंसाँबड़ाहीसस्ताहै
तूनेजिसकोसमझलियाअपना
तेरीनज़रोंकासिर्फ़धोकाहै
बिस्तर-ए-मर्गपरहैबापमगर
बेटाससुरालजाकेबैठाहै
वोबड़ादिल-जलाहीहोगा'अयाज़'
जूताबुशपरजोउसनेफेंकाहै
  - Qadeer Ayaz
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy