hairaton ke silsile soz-e-nihaan tak aa ga.e | हैरतों के सिलसिले सोज़-ए-निहाँ तक आ गए

  - Qabil Ajmeri
हैरतोंकेसिलसिलेसोज़-ए-निहाँतकगए
हमनज़रतकचाहतेथेतुमतोजाँतकगए
ना-मुरादीअपनीक़िस्मतगुमरहीअपनानसीब
कारवाँकीख़ैरहोहमकारवाँतकगए
उनकीपलकोंपरसितारेअपनेहोंटोंपेहँसी
क़िस्सा-ए-ग़मकहतेकहतेहमकहाँतकगए
ज़ुल्फ़मेंख़ुशबूथीयारंगआरिज़मेंथा
आपकिसकीआरज़ूमेंगुल्सिताँतकगए
रफ़्तारफ़्तारंगलायाजज़्बा-ए-ख़ामोश-ए-इश्क़
वोतग़ाफ़ुलकरतेकरतेइम्तिहाँतकगए
ख़ुदतुम्हेंचाक-ए-गरेबाँकाशुऊ'रजाएगा
तुमवहाँतकतोजाओहमजहाँतकगए
आज'क़ाबिल'मय-कदेमेंइंक़लाबआनेकोहै
अहल-ए-दिलअंदेशा-ए-सूद-ओ-ज़ियाँतकगए
  - Qabil Ajmeri
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