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pankaj pundir
subh se main kah raha hooñ aur kya fursat mile baat kar
subh se main kah raha hooñ aur kya fursat mile baat kar | सुब्ह से मैं कह रहा हूँ और क्या, फ़ुर्सत मिले बात कर
- pankaj pundir
सुब्ह
से
मैं
कह
रहा
हूँ
और
क्या,
फ़ुर्सत
मिले
बात
कर
सुन
यहाँ
कोई
नहीं
है
बात
करने
के
लिए
बात
कर
पढ़
रहा
था
पढ़
रहा
हूँ
और
पढ़ना
है
अभी
रात
भर
दोस्त
मेरे
साथ
पढ़
आ
तो
सही
पढ़ते
हुए
बात
कर
- pankaj pundir
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मैं
जिस
के
साथ
कई
दिन
गुज़ार
आया
हूँ
वो
मेरे
साथ
बसर
रात
क्यूँँ
नहीं
करता
Tehzeeb Hafi
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चलो
न
फिर
से
दरिया
के
नज़दीक
चलें
चलो
न
फिर
से
डुबकी
साथ
लगाएँगे
Atul K Rai
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तू
उसके
दिल
में
जगह
चाहता
है
यार
जो
शख़्स
किसी
को
देता
नहीं
अपने
साथ
वाली
जगह
Umair Najmi
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सँभलता
हूँ
तो
ये
लगता
है
जैसे
तुम्हारे
साथ
धोखा
कर
रहा
हूँ
Shariq Kaifi
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बंदा
किसी
के
साथ,
ख़ुदा
हो
किसी
के
साथ
जाने
पराए
शहर
में
क्या
हो
किसी
के
साथ
Mueed Mirza
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इस
से
पहले
कि
तुझे
और
सहारा
न
मिले
मैं
तिरे
साथ
हूँ
जब
तक
मिरे
जैसा
न
मिले
Afkar Alvi
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वा'दा
करो
कि
हाथ
छुड़ाकर
न
जाओगे
वा'दा
करो
कि
सात
जनम
तक
रहेगा
इश्क़
Mukesh Jha
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मिले
किसी
से
गिरे
जिस
भी
जाल
पर
मेरे
दोस्त
मैं
उसको
छोड़
चुका
उसके
हाल
पर
मेरे
दोस्त
ज़मीं
पे
सबका
मुक़द्दर
तो
मेरे
जैसा
नहीं
किसी
के
साथ
तो
होगा
वो
कॉल
पर
मेरे
दोस्त
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Ali Zaryoun
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मैं
जंगलों
की
तरफ़
चल
पड़ा
हूँ
छोड़
के
घर
ये
क्या
कि
घर
की
उदासी
भी
साथ
हो
गई
है
Tehzeeb Hafi
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जो
न
खेली
होली
'अमृत'
के
साथ
में
हाथों
में
दीवाली
तक
गुलाल
रहेगा
Amritanshu Sharma
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कुछ
ऐसे,
चराग़ों
को
मेरे,
ज़रा
नम
कर
दे
अँधेरे
बढ़ा
मत,
हाँ
बस
रोशनी
कम
कर
दे
pankaj pundir
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तीरगी
से
पस्त
लोग
बरहना-पा
आ
गए
हैं
अब
फ़लक
पे
चाँद
आया
रात
का
जवाब
आया
pankaj pundir
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वक़्त
के
साथ
हुए
साथ
जो
दिन
रहने
के
फिर
किसी
साल
महीने
में
नहीं
आएँगे
pankaj pundir
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जाने
क्या
बात
किस
ख़ता
का
बोझ
बढ़
गया
फिर
किसी
सज़ा
का
बोझ
मेहरबाँ
वो
बरस
गया
हम
पर
आख़िरश
कम
हुआ
ख़ुदा
का
बोझ
ख़ाक
रखती
है
जाने
किस
किस
की
बस
हवा
ही
नहीं
हवा
का
बोझ
यार
कोई
तो
उसको
समझाओ
प्यार
की
नाव
पर
अना
का
बोझ
ख़ामुशी
से
कहीं
ज़ियादा
है
लौट
आई
किसी
सदा
का
बोझ
राब्ता
ख़त्म
कर
लिया
उसने
सबके
बस
का
नहीं
वफ़ा
का
बोझ
ज़िंदगी
और
ज़िंदगी
का
दर्द
तुम
समझते
हो
क्या
क़ज़ा
का
बोझ
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pankaj pundir
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तुझ
सेे
कोई
शे'र
कह
दूँ,
हर्ज
क्या
है
मुझको
ये
मालूम
है
बस,
ज़ाया'
होगा
pankaj pundir
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