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pankaj pundir
jaane kya baat kis KHataa ka bojh
jaane kya baat kis KHataa ka bojh | जाने क्या बात किस ख़ता का बोझ
- pankaj pundir
जाने
क्या
बात
किस
ख़ता
का
बोझ
बढ़
गया
फिर
किसी
सज़ा
का
बोझ
मेहरबाँ
वो
बरस
गया
हम
पर
आख़िरश
कम
हुआ
ख़ुदा
का
बोझ
ख़ाक
रखती
है
जाने
किस
किस
की
बस
हवा
ही
नहीं
हवा
का
बोझ
यार
कोई
तो
उसको
समझाओ
प्यार
की
नाव
पर
अना
का
बोझ
ख़ामुशी
से
कहीं
ज़ियादा
है
लौट
आई
किसी
सदा
का
बोझ
राब्ता
ख़त्म
कर
लिया
उसने
सबके
बस
का
नहीं
वफ़ा
का
बोझ
ज़िंदगी
और
ज़िंदगी
का
दर्द
तुम
समझते
हो
क्या
क़ज़ा
का
बोझ
- pankaj pundir
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वो
रातें
चाँद
के
साथ
गईं
वो
बातें
चाँद
के
साथ
गईं
अब
सुख
के
सपने
क्या
देखें
जब
दुख
का
सूरज
सर
पर
हो
Ibn E Insha
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मैं
शा'इर
हूँ
मोहब्बत
का
मिरे
दुख
भी
रसीले
हैं
Farhat Abbas Shah
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ग़म-ए-दुनिया
भी
ग़म-ए-यार
में
शामिल
कर
लो
नश्शा
बढ़ता
है
शराबें
जो
शराबों
में
मिलें
Ahmad Faraz
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ज़ख़्म
दिल
पर
हज़ार
करता
है
और
कहता
है
प्यार
करता
है
दर्द
दिल
में
उतर
गया
कैसे
कोई
अपना
ही
वार
करता
है
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Santosh S Singh
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तू
है
सूरज
तुझे
मालूम
कहाँ
रात
का
दुख
तू
किसी
रोज़
मेरे
घर
में
उतर
शाम
के
बाद
Farhat Abbas Shah
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तुम्हारे
बाद
इस
आँगन
में
फूल
खिलने
पर
ख़ुशी
हुई
भी
तो
ये
दुख
हुआ
कि
दें
किसको
Mohit Dixit
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पुराने
घाव
पर
नाखून
उसका
लग
गया
वरना
गुज़र
कर
दर्द
ये
हद
से
दवा
होने
ही
वाला
था
Atul K Rai
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वफ़ा
तुम
से
करेंगे
दुख
सहेंगे
नाज़
उठाएँगे
जिसे
आता
है
दिल
देना
उसे
हर
काम
आता
है
Arzoo Lakhnavi
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अपनी
तबाहियों
का
मुझे
कोई
ग़म
नहीं
तुम
ने
किसी
के
साथ
मोहब्बत
निभा
तो
दी
Sahir Ludhianvi
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दर्द
सहने
का
अलग
अंदाज़
है
जी
रहे
हैं
हम
अदा
की
ज़िंदगी
Farhat Abbas Shah
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कहानी
में
फिर
वही
हुआ
आख़िर
जो
अच्छे
लड़कों
के
साथ
होता
है
pankaj pundir
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बस
हाल
रूका
और
दौड़
गया
फिर
वक़्त
उसी
हाल
छोड़
गया
आख़िर
सो
गया
बाग़बाँ
मेरा
आख़िर
मुझे
फिर
कोई
तोड़
गया
घर
लौट
जाना
था
जहाँ
से
हमें
इस
रास्ते
का
ऐसा
मोड़
गया
किस
दर्जा
बिखर
के
सुकूँ
से
था
अब
फिर
से
मुझे
कौन
जोड़
गया
संजीदगी
में
रात
भर
जो
हुआ
मैं
सुब्ह
वही
हाल
ओढ़
गया
हम
तो
खिज़ाँ
के
फूल
थे,
बता
ना
क्यूँँ
हमको
बहारों
में
छोड़
गया
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pankaj pundir
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हो
गई
शाम
थोड़ी
सी
बासी
हम
पे
जचने
लगी
है
उदासी
pankaj pundir
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चर्ख़
मेरी
प्यास
से
वाक़िफ़
हुआ
धूप
ने
सहरा
पे
दरिया
लिख
दिया
pankaj pundir
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पहले
राज़ी
था
आश्ना
मेरा
अब
किसी
बात
पर
नहीं
बनती
pankaj pundir
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