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Prince Jhankra
umr lambi kar chuke hain paar ham
umr lambi kar chuke hain paar ham | उम्र लंबी कर चुके हैं पार हम
- Prince Jhankra
उम्र
लंबी
कर
चुके
हैं
पार
हम
पर
उसी
से
कर
रहे
हैं
प्यार
हम
फूल
ही
थे
मौसमों
ने
कर
दिए
आज
सूखे
और
कांटेदार
हम
- Prince Jhankra
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नज़र
से
नज़र
भर
नज़र
क्या
मिली
ख़िज़ाँ
में
खिली
इक
कली
फूल
की
Sandeep dabral 'sendy'
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बाग़बाँ
हम
तो
इस
ख़याल
के
हैं
देख
लो
फूल
फूल
तोड़ो
मत
Jaun Elia
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आदतन
उसके
लिए
फूल
ख़रीदे
वरना
नहीं
मालूम
वो
इस
बार
यहाँ
है
कि
नहीं
Abbas Tabish
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साँवले
तन
पे
ग़ज़ब
धज
है
बसंती
शाल
की
जी
में
है
कह
बैठिए
अब
जय
कनहय्या
लाल
की
Insha Allah Khan
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उसकी
तरफ़
से
फूल
भी
आएँगे
एक
रोज़
पत्थर
उठा
के
चूम
ले
इसको
पहल
समझ
Munawwar Rana
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दूर
इक
सितारा
है
और
वो
हमारा
है
आँख
तक
नहीं
लगती
कोई
इतना
प्यारा
है
छू
के
देखना
उसको
क्या
अजब
नज़ारा
है
तीर
आते
रहते
थे
फूल
किसने
मारा
है
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Kafeel Rana
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मेरे
नादाँ
दिल
उदासी
कोई
अच्छी
शय
नहीं
देख
सूखे
फूल
पर
आती
नहीं
हैं
तितलियाँ
Deepak Vikal
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मैं
बाग़
में
जिस
जगह
खड़ा
हूँ
हर
फूल
से
काम
चल
रहा
है
Shaheen Abbas
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मुझे
भी
बख़्श
दे
लहजे
की
ख़ुशबयानी
सब
तेरे
असर
में
हैं
अल्फ़ाज़
सब,
म'आनी
सब
मेरे
बदन
को
खिलाती
है
फूल
की
मानिंद
कि
उस
निगाह
में
है
धूप,
छाँव,
पानी
सब
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Subhan Asad
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अपने
होंटों
से
कहो
फूल
को
चू
में
हर
रोज़
जब
मेरे
लब
नहीं
होंगे
तो
सहूलत
होगी
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Shahbaz Rizvi
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इक
ऐसा
चश्मा
है
जो
धुँधला
ही
रहता
है
माँ
की
आँखों
में
बच्चा
दुबला
ही
रहता
है
Prince Jhankra
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अपनी
उम्मीदों
को
हमने
एक
तरह
से
मारा
था
छोड़ा
था
उस
बन्दे
को
जो
हमको
सब
सेे
प्यारा
था
अपनी
मज़बूरी
भी
हमने
अपने
अंदर
फूँकी
थी
तुमको
तो
लेकिन
समझा
था,
तुम
पर
फिर
भी
चारा
था
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Prince Jhankra
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इक
बारी
हो
जाता
है,
हो
जाता
है
दूजी
बारी
इश्क़
नहीं
हो
पाता
है
पागल
नईं
हूँ
सबको
थोड़ी
परखूँगा
इक
चावल
से
अंदाज़ा
हो
जाता
है
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Prince Jhankra
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सोचते
हो
क्या
दिया
है
आपको
एक
दिन
फ़ुरसत
नहीं
है
बाप
को
Prince Jhankra
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तुम
सेे
कहते
जाने
क्यूँ
घबराते
हैं
अपने
अंदर
बेमतलब
चिल्लाते
है
कितनी
मजबूरी
है
कितने
बेबस
हैं
नंबर
है
पर
कॉल
नहीं
कर
पाते
हैं
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Prince Jhankra
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