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Prince Jhankra
dobaara phir nahin ummeed dena
dobaara phir nahin ummeed dena | दुबारा फिर नहीं उम्मीद देना
- Prince Jhankra
दुबारा
फिर
नहीं
उम्मीद
देना
किसी
को
छोड़
दो
तो
छोड़
देना
- Prince Jhankra
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तेरे
आने
की
इक
उम्मीद
है
और
इसी
उम्मीद
पर
क़ाएम
है
दुनिया
Shubham Sarkar
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मैं
अब
किसी
की
भी
उम्मीद
तोड़
सकता
हूँ
मुझे
किसी
पे
भी
अब
कोई
ए'तिबार
नहीं
Jawwad Sheikh
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बाक़ी
सारे
काम
भुलाकर
इश्क़
किया
सुब्ह
से
लेकर
शाम
बराबर
इश्क़
किया
ग़लती
ये
थोड़े
थी
इश्क़
किया
हम
ने
ग़लती
ये
थी
ग़ैर
बिरादर
इश्क़
किया
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Vashu Pandey
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मैं
हर
शख़्स
के
चेहरे
को
बस
इस
उम्मीद
से
तकता
हूँ
शायद
से
मुझको
दो
आँखें
तेरे
जैसी
दिख
जाएँ
Siddharth Saaz
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वो
जिसपर
उसकी
रहमत
हो
वो
दौलत
मांगता
है
क्या
मोहब्बत
करने
वाला
दिल
मोहब्बत
मांगते
है
क्या
तुम्हारा
दिल
कहे
जब
भी
उजाला
बन
के
आ
जाना
कभी
उगता
हुआ
सूरज
इज़ाज़त
मांगता
है
क्या
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Ankita Singh
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पा
ए
उम्मीद
प
रक्खे
हुए
सर
हैं
हम
लोग
हैं
न
होने
के
बराबर
ही
मगर
हैं
हम
लोग
तू
ने
बरता
ही
नहीं
ठीक
से
हम
को
ऐ
दोस्त
ऐब
लगते
हैं
ब-ज़ाहिर
प
हुनर
हैं
हम
लोग
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Abhishek shukla
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सर्द
रात
है
हवा
भी
सोच
मत
पहन
मुझे
सुब्ह
देख
लेंगे
किस
कलर
की
शाल
लेनी
है
Neeraj Neer
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चलो
माना
कि
रोना
मसअले
का
हल
नहीं
लेकिन
करे
भी
क्या
कोई
जब
ख़त्म
हर
उम्मीद
हो
जाए
Bhaskar Shukla
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किसी
से
छोटी
सी
एक
उम्मीद
बाँध
लीजिए
मोहब्बतों
का
अगर
जनाज़ा
निकालना
है
Shakeel Jamali
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सभी
के
दीप
सुंदर
हैं
हमारे
क्या
तुम्हारे
क्या
उजाला
हर
तरफ़
है
इस
किनारे
उस
किनारे
क्या
Hafeez Banarasi
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हम
दोनों
जब
भी
मिलने
को
जाते
थे
आने
जो
लगते
थे
तो
रो
जाते
थे
अब
तो
प्रेमी
रोज़ाना
मिल
लेते
हैं
हमको
कितने
कितने
दिन
हो
जाते
थे
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Prince Jhankra
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अपनी
उम्मीदों
को
हमने
एक
तरह
से
मारा
था
छोड़ा
था
उस
बन्दे
को
जो
हमको
सब
सेे
प्यारा
था
अपनी
मज़बूरी
भी
हमने
अपने
अंदर
फूँकी
थी
तुमको
तो
लेकिन
समझा
था,
तुम
पर
फिर
भी
चारा
था
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Prince Jhankra
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तुम
सेे
कहते
जाने
क्यूँ
घबराते
हैं
अपने
अंदर
बेमतलब
चिल्लाते
है
कितनी
मजबूरी
है
कितने
बेबस
हैं
नंबर
है
पर
कॉल
नहीं
कर
पाते
हैं
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Prince Jhankra
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झूठ
कह
दे
ख़्वाब
में
तू
आएगी
इस
बहाने
नींद
तो
आ
जाएगी
Prince Jhankra
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सोचते
हो
क्या
दिया
है
आपको
एक
दिन
फ़ुरसत
नहीं
है
बाप
को
Prince Jhankra
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