na jaane shor ke ab saath kaisi KHaamushi bhi hai | न जाने शोर के अब साथ कैसी ख़ामुशी भी है

  - Harpreet Kaur
जानेशोरकेअबसाथकैसीख़ामुशीभीहै
कभीवोबेबसीलगतीकभीवोज़िन्दगीभीहै
मुहब्बतकोमिलेमंज़िलज़रूरीतोनहींऐसा
रहेंमहबूबख़ुशबसफिरयहीतोआशिक़ीभीहै
मुकम्मलसीकहाँमिलतीयहाँदुनियाकिसीकोभी
जहाँमेंहरकिसीकेकोईरहतीतोकमीभीहै
येमानाहरतरफ़येजोअँधेरासाहुआफैला
लगेआतीचराग़ोंसेअज़बसीरौशनीभीहै
वफ़ातोप्रीतजानेबसनज़रकाठहराधोखासा
ज़मानेमेंमुहब्बतनामतोधोखाधड़ीभीहै
  - Harpreet Kaur
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