na jaane kyuuñ muhabbat hi jataana bhool jaate hain | न जाने क्यूँ मुहब्बत ही जताना भूल जाते हैं

  - Harpreet Kaur
जानेक्यूँमुहब्बतहीजतानाभूलजातेहैं
वफ़ागै़रोंसेअपनोंसेनिभानाभूलजातेहैं
ज़मानेमेंयेजोदस्तूरतोचलताहमेशाही
येहँसतीआँखेंपरलबमुस्कुरानाभूलजातेहैं
समुंदरजानताअपनीहदेंसाहिलसेटकराते
उठातूफ़ानतोफिरक्यूँकिनाराभूलजातेहैं
यहाँसबज़िन्दगीजीतेहैमुस्तक़बिलभरोसेही
ज़रूरीमाज़ीकाअबचलफ़सानाभूलजातेहैं
रहेमौजूदख़्वाबोंकाहीपहरारातकेतकिए
मगरआँखोंमेंग़ालिबनींदलानाभूलजातेहैं
येत्योहारोंपेदुनियाकोबधाईदेजोभरभरके
वोभाईकेगलेमिलनामिलानाभूलजातेहैं
मुकम्मलज़ीस्तकीचाहतयहाँपे'प्रीत'सबकरते
ख़ुशीकोढूँढतेख़ुदकोहीपानाभूलजातेहैं
  - Harpreet Kaur
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