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Praveen Bhardwaj
main vo kashtii hooñ jo laaya hai sabko kinaare tak
main vo kashtii hooñ jo laaya hai sabko kinaare tak | मैं वो कश्ती हूँ जो लाया है सबको किनारे तक
- Praveen Bhardwaj
मैं
वो
कश्ती
हूँ
जो
लाया
है
सबको
किनारे
तक
मैं
वो
दरिया
हूँ
जिसे
मुड़कर
नहीं
देखता
है
कोई
- Praveen Bhardwaj
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उसी
वक़्त
अपने
क़दम
मोड़
लेना
नदी
पार
से
जब
इशारा
करूँँगा
Siddharth Saaz
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अब
तो
दरिया
सूख
चुका
है
अब
तो
इस
शम्मा
को
बुझा
दो
Siddharth Saaz
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तुमको
हम
ही
झूठ
लगेंगे
लेकिन
दरिया
झूठा
है
पहले
हमको
चाँद
मिला
था
फिर
दरिया
को
चाँद
मिला
Abhishar Geeta Shukla
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इक
और
दरिया
का
सामना
था
'मुनीर'
मुझ
को
मैं
एक
दरिया
के
पार
उतरा
तो
मैंने
देखा
Muneer Niyazi
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पुरानी
कश्ती
को
पार
लेकर
फ़क़त
हमारा
हुनर
गया
है
नए
खेवइये
कहीं
न
समझें
नदी
का
पानी
उतर
गया
है
Uday Pratap Singh
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मुहब्बत
आपसे
करना
कभी
आसाँ
नहीं
था
पर
बिना
कश्ती
के
दरिया
पार
करना
शौक़
है
मेरा
Tanoj Dadhich
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एक
दरिया
है
यहाँ
पर
दूर
तक
फैला
हुआ
आज
अपने
बाजुओं
को
देख
पतवारें
न
देख
Dushyant Kumar
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हम
भी
दरिया
हैं
हमें
अपना
हुनर
मालूम
है
जिस
तरफ़
भी
चल
पड़ेंगे
रास्ता
हो
जाएगा
Bashir Badr
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चाँद
भी
हैरान
दरिया
भी
परेशानी
में
है
अक्स
किस
का
है
कि
इतनी
रौशनी
पानी
में
है
Farhat Ehsaas
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बातचीत
में
आला
हो
बस
ठीक
न
हो
फ़ाइदा
क्या
महबूब
अगर
बारीक
न
हो
हम
तेरी
क़ुर्बत
में
अक्सर
सोचते
हैं
दरिया
खेत
के
इतना
भी
नज़दीक
न
हो
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Khurram Afaq
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तुम्हें
हक
है
की
सज़ा-ए-मौत
दो
हमें
हमारा
हक
है
की
पहले
गुनाह
साबित
हो
Praveen Bhardwaj
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किसे
रोकें
चले
जाएँगे
हम
भी
जिसे
जाना
था
वो
मर
के
गया
है
Praveen Bhardwaj
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चलो
बिछड़
जाते
हैं
अगर
यही
तेरी
चाहत
है
मैं
सही
तू
ग़लत
नहीं
अपनी-अपनी
किस्मत
है
जा
रहे
हो
तो
जाओ
भी
अबकी
तोहफ़ा
मत
देना
आख़िरी
दफ़ा
एक
सच
बोलो
मत
कहो
मुहब्बत
है
दिल
में
क्या
तककलुफ्
उसकी
कैसी
मज़बूरी
है
थोड़े
वक़्त
की
दूरी
क्या
ये
इश्क़
नहीं
ज़रूरत
है
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Praveen Bhardwaj
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सादगी
की
इक
कहानी
याद
आती
है
मुझे
भी
हाए
वो
अपनी
जवानी
याद
आती
है
मुझे
भी
उन
पहाड़ों
ने
दिया
था
इस
नदी
को
रास्ता
तक
आजकल
अपनी
रवानी
याद
आती
है
मुझे
भी
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Praveen Bhardwaj
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पुराने
रास्तों
पर
चलना
है
नहीं
फ़ितरत
हमारी
मंज़िल
है
सो
रास्ता
हम
बनाएँगे
Praveen Bhardwaj
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