ek KHvaab | एक ख़्वाब

  - Piyush Shrivastava
एकख़्वाब
लालबिंदीमाथाचू
मेंख़ुशबूमहकाएतन
देखउन्हेंख़्वाबोंमेंखिलताहोजैसेमन
चाँदसीप्यारीसूरतझीलोंसीगहरीआँखें
शहदसेहैंलबउनकेमीठीसीउनकीबातें
ख़्वाबमेंमिलजातेहैंहमउनसेेकुछऐसेकि
गुज़रताहैंदिनहीगुज़राकरतीरातें
पंखफैलाउड़तीवोकौनतितलीजाने
फूलहमभीबनजातेजबआतीवोमहकाने
दूरसेदेखाकरतीहैंवोज़ुल्फ़ोंकोलहराए
क़त्लकरतीहैंमानोकोईउनकोसमझाए
हैपरीकोईयाहैवोकोईजादूगरनी
दिलहमारामंत्रितकरकेवशमेंकरतीजाए
ख़्वाबमेंमिलजातेहैंहमउनसेेकुछऐसेकि
गुज़रताहैदिनहीगुज़राकरतीरातें
  - Piyush Shrivastava
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