tumhaari auqaat kya hai piyush mishra | "तुम्हारी औक़ात क्या है पीयूष मिश्रा"

  - Piyush Mishra
"तुम्हारीऔक़ातक्याहैपीयूषमिश्रा"
सबकुछतोहै
फिरभीक्याहै
होकरभीजोनाहोता
अचरजकरतायेमिज़ाज
मैंनाभीहोताक्याहोता
नद्दीनालेबरखाबादल
वैसेकेवैसेरहते
परफिरभीजोनाहोता‘वो
जोनाहोता’वोक्याहोता
खड़ीज़िंदगीमोड़कीपुलिया
पेजाकेसुस्तालेती
धीमीपगडंडीपेबैठा
एकतेज़रस्ताहोता
पनघटनचताधम्म-धम्म
औरजाकेरुकतामरघटपे
पनघटकेसंगमरघटकी
जोड़ीकाअलगमज़ाहोता
शामकीमहफ़िलरातअँधेरे
राखबनीमिट्टीहोती
ठंडीग़ज़लेंसर्दनज़्म
बसएकशे'रसुलगाहोता
आगगईऔरताबगई
इंसाँपग्गल-सानाचउठा
काशकिकलकीतरहआजभी
मैंबिफरा-बिफराहोता...
  - Piyush Mishra
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