guzar jaa.e jo aankhoñ se vo phir manzar nahin rehta | गुज़र जाए जो आँखों से वो फिर मंज़र नहीं रहता

  - Parvindar shokh
गुज़रजाएजोआँखोंसेवोफिरमंज़रनहींरहता
जुदाहोकरजुदाहोनेकाकोईडरनहींरहता
मिटेंबेचैनियाँआख़िरदर-ओ-दीवारकीकैसे
घरोंमेंलोगरहतेहैंदिलोंमेंघरनहींरहता
दिखाईकिसतरहदेशहरमेंकोईमुझेआख़िर
सिवाउसकेनज़रमेंअबकोईमंज़रनहींरहता
येहैरतहैकेमुझकोग़मनहींहैउसकोखोकरभी
परेशाँवोभीहैवोख़ुशमुझेपाकरनहींरहता
नहींदेतीइजाज़तझूटकहनेकीयेख़ुद्दारी
अगरसचबोलतेहैंमहफ़िलोंमेंसरनहींरहता
जिसेवो'शोख़'अपनेहाथसेछूकरगुज़रजाए
वोपथरफिरज़ियादादेरतकपत्थरनहींरहता
  - Parvindar shokh
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