jaise naye zamaane ki raftaar gir padi | जैसे नए ज़माने की रफ़्तार गिर पड़ी

  - Parvez Waris
जैसेनएज़मानेकीरफ़्तारगिरपड़ी
ऐसेपुरानेवक़्तकीदीवारगिरपड़ी
उठउठकेतोपहुँचीहैंलहरेंइधरमगर
क्याचीज़जानेदरियाकेउसपारगिरपड़ी
इसबारक्यागिरीहैकिकोहराममचगया
पगड़ीतोइससेपहलेकईबारगिरपड़ी
लफ़्ज़ोंकोहमनेतोलकेरक्खाथाहोंटपर
फिरक्यूँँबहसमेंबातवज़नदारगिरपड़ी
बाज़ारमेंतोफ़नकेख़रीदारअबभीहैं
किसनेकहाकिक़ीमत-ए-फ़नकारगिरपड़ी
दिनथाथकनसेचूरउफ़ुक़पेनिढालसाल
सूरजकेसाथशामभीलाचारगिरपड़ी
देखामुख़ालिफ़ोंमेंजोशामिलरफ़ीक़को
'परवेज़'अपनेहाथसेतलवारगिरपड़ी
  - Parvez Waris
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