KHud apna apne aap ko ustaad kar kabhi | ख़ुद अपना अपने आप को उस्ताद कर कभी

  - Parvez Waris
ख़ुदअपनाअपनेआपकोउस्तादकरकभी
हैमशवराक़ुबूलतोइरशादकरकभी
होनाहैतुझकोआश्नाउसकेमिज़ाजसे
तोशादहादसोंकोभीनाशादकरकभी
क्यूँएकदाएरेमेंहीरक्खाहैबाँधके
इसक़ैदसेख़यालकोआज़ादकरकभी
मंज़रमेंख़ारसाजोखटकताहैजिसजगह
हिस्सेकोउसजगहसेहाँआबादकरकभी
दुनियाकोए'तिबारहोजिसपरयक़ीनहो
इकनींदआएख़्वाबकोईलादकरकभी
सूरजथाअलविदा'अहुआशामहोगई
किसनेकहाकिसीसेकिफ़रियादकरकभी
जोधुंदबनकेरहगए'परवेज़'ज़ेहनमें
खुलकेदिखाईदेंगेतुझेयादकरकभी
  - Parvez Waris
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