main us din ki raushan aur | मैं उस दिन की रौशन और

  - Parveen Tahir
मैंउसदिनकीरौशनऔर
सफ़्फ़ाकसहरकेसाहिलपर
आँखेंमलतेधूपसेलड़ते
भागरहीहूँ
जिसनेमुझपरखुलनेवाले
सबदरवाज़ेभेड़दिएहैं
चाँदतराशेसबदरवाज़े
दरवाज़ोंकेपीछेवो
झिलमिलझिलमिल
तारोंमेंमलफ़ूफ़मनाज़िर
सपनाथे
मंज़रमंज़रखुलनेमेंभी
कैसीनट-खटभूल-भुलय्याँ
कितनेसुंदरबलछलथे
वर्नाजादूनगरीमें
कोईकरताकैसेरैनबसर
  - Parveen Tahir
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