vo ham nahin jinhen sahna ye jabr aa jaata | वो हम नहीं जिन्हें सहना ये जब्र आ जाता

  - Parveen Shakir
वोहमनहींजिन्हेंसहनायेजब्रजाता
तिरीजुदाईमेंकिसतरहसब्रजाता
फ़सीलेंतोड़देतेजोअबकेअहल-ए-क़फ़स
तूऔरतरहकाएलान-ए-जब्रजाता
वोफ़ासलाथादु'आऔरमुस्तजाबीमें
किधूपमाँगनेजातेतोअब्रजाता
वोमुझकोछोड़केजिसआदमीकेपासगया
बराबरीकाभीहोतातोसब्रजाता
वज़ीरशाहभीख़स-ख़ानोंसेनिकलआते
अगरगुमानमेंअँगार-ए-क़ब्रजाता
  - Parveen Shakir
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