baja ki aankh men neendon ke silsile bhi nahin | बजा कि आँख में नींदों के सिलसिले भी नहीं

  - Parveen Shakir
बजाकिआँखमेंनींदोंकेसिलसिलेभीनहीं
शिकस्त-ए-ख़्वाबकेअबमुझमेंहौसलेभीनहीं
नहींनहींयेख़बरदुश्मनोंनेदीहोगी
वोआएकेचलेभीगएमिलेभीनहीं
येकौनलोगअँधेरोंकीबातकरतेहैं
अभीतोचाँदतिरीयादकेढलेभीनहीं
अभीसेमेरेरफ़ूगरकेहाथथकनेलगे
अभीतोचाकमिरेज़ख़्मकेसिलेभीनहीं
ख़फ़ाअगरचेहमेशाहुएमगरअबके
वोबरहमीहैकिहमसेउन्हेंगिलेभीनहीं
  - Parveen Shakir
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy