koi KHushboo na phool hooñ main to | कोई ख़ुशबू न फूल हूँ मैं तो

  - Parveen Kumar Ashk
कोईख़ुशबूफूलहूँमैंतो
सरसेपातकबबूलहूँमैंतो
तेरीदरगाहसेगिलाकैसा
ख़ुदकोभीकबक़ुबूलहूँमैंतो
चाँदनीमुझकोसज्देकरतीहै
तेरेक़दमोंकीधूलहूँमैंतो
जानेमुझसेबिछड़गयाहैकौन
हरजनममेंमलूलहूँमैंतो
तिफ़्ल-ए-दिलकीदु'आलिखेजिसको
उसग़ज़लकासकूलहूँमैंतो
क्यूँँदिखातेहोमुझकोतलवारें
लाजवंतीकाफूलहूँमैंतो
ज़ख़्मखाताहूँशुक्रकरताहूँ
हाँख़िलाफ़तउसूलहूँमैंतो
'अश्क'इसकारोबारीदुनियामें
आदमीइकफ़ुज़ूलहूँमैंतो
  - Parveen Kumar Ashk
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