sukoon ye apne saveroon ka chain rainon ka | सुकूँ ये अपने सवेरों का चैन रैनों का

  - Parveen Kaif
सुकूँयेअपनेसवेरोंकाचैनरैनोंका
कोईहिसाबनहींहैख़ुदाकीदेनोंका
मकानकच्चेथेवा'देथेपक्केदिलरौशन
ज़मानाथावोचराग़ोंकालालटेनोंका
येसचहैगाँवकीरातेंख़ामोशहोतीहैं
मगरवोशोरगुज़रतीहुईट्रेनोंका
गलेकाहारसलीबेंहैंसबदिखावेकी
यहाँरिवाजहैअबतोतिलाईचेनोंका
हलाकहोतीहैमख़्लूक़औरख़ुदाओंपर
कोईअसरहीनहींशेवनोंकाबैनोंका
वहाँमुशाएरेपढ़नेचलीहोतुम'परवीन'
जहाँहैज़ोरलताओंकातानसेनोंका
  - Parveen Kaif
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