chalo to aaj zakhm-e-dil ki KHud se hi shifa pooche | चलो तो आज ज़ख्म-ए-दिल की ख़ुद से ही शिफ़ा पूछे

  - Parul Singh "Noor"
चलोतोआजज़ख्म-ए-दिलकीख़ुदसेहीशिफ़ापूछे
तोक्यापूछे,दग़ापूछे,सिलापूछे,गिलापूछे
बहुतख़ामोशबैठेथेकिअबदिलबैठाजाएहै
खड़ेहैंजानेकोजबयारअबहमउनसेेक्यापूछे
तुम्हारानामआताहैलबोंपेजबकभीकोई
रज़ापूछे,ख़तापूछे,सज़ापूछे,दवापूछे
झुकीनज़रेंतिरीउठतीहुईजबदेखलीहमने
किसीसेक्यूँहयापूछे,नशापूछे,मज़ापूछे
सभीको'नूर'तुमसिखलादोचाहेइश्क़कामतलब
जोवोपूछेतोकहनाहक़नहींउसकोवफ़ापूछे
  - Parul Singh "Noor"
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