zindagi ki raahon men tum ho jalva-gar tanhaa | ज़िंदगी की राहों में तुम हो जल्वा-गर तन्हा

  - Parmod Lal Yakta
ज़िंदगीकीराहोंमेंतुमहोजल्वा-गरतन्हा
ज़ुल्मतेंहैंहरजानिबशम-ए-रहगुज़रतन्हा
शम्अकीतरहहमनेजलकेता-सहरतन्हा
ज़ीस्तकेअँधेरोंमेंतयकियासफ़रतन्हा
दिनगुज़ारदेताहूँहँसकेबज़्म-ए-रिंदाँमें
ज़िंदगीपेरोताहूँशबकोजागकरतन्हा
साथसबनिभातेहैंराहमेंमसर्रतकी
तयसभीकोकरनीहैग़मकीरहगुज़रतन्हा
किसक़दरपरेशाँहैंअहल-ए-इश्क़दुनियामें
मुझपेरश्ककरतेहैंमुझकोदेखकरतन्हा
राज़-ए-इश्क़दुनियामेंकबकिसीनेसमझाहै
एकतुमनहीं'यकता'उससेबे-ख़बरतन्हा
  - Parmod Lal Yakta
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