pyaar ke bandhan kaat rahe hain prem ka rishta tod rahe hain | प्यार के बंधन काट रहे हैं प्रेम का रिश्ता तोड़ रहे हैं

  - Parkash Nath Parvez
प्यारकेबंधनकाटरहेहैंप्रेमकारिश्तातोड़रहेहैं
शहर-ए-मोहब्बतकेबाशिंदेशहर-ए-मोहब्बतछोड़रहेहैं
अरमानोंकेरह-वारोंकोजानिब-ए-दुनियामोड़रहेहैं
उल्फ़तकादमभरनेवालेउल्फ़तकादिलतोड़रहेहैं
इतनाहमकोइल्मनहींथाहिज्रकेसद
मेंसहनेहोंगे
येक़तअनएहसासनहींथाकिससेनाताजोड़रहेहैं
इसबस्तीमेंरहनाबसनाअपनेबसकीबातनहींहै
ख़ुद्दारीकीफ़रमाइशपरशहर-ए-मोहब्बतछोड़रहेहैं
देखेंअपनीसरकशतौबासाथहमारादेतीभीहै
आपतोनफ़रतकेपत्थरपरजाम-ए-मोहब्बतफोड़रहेहैं
'परवेज़'येदुनियावालेतदबीरोंसेग़ाफ़िलहोकर
क़िस्मतकीदहलीज़पेनाहक़अपनेसरकोफोड़रहेहैं
  - Parkash Nath Parvez
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy