भीनीभीनीदर्दकीख़ुशबूलुटानेकेलिए
फूलखिलतेहैंचमनमेंमुस्कुरानेकेलिए
हरगुल-ए-तहज़ीबकोहक़हैकिवोखिलतारहे
इसरियाज़-ए-दहरमेंख़ुशबूलुटानेकेलिए
यूँँसिमटनाभीहैकोईज़िंदगीऐदोस्तो
ज़िंदगीहैवुसअ'त-ए-आलमपेछानेकेलिए
कुछफ़रेब-ए-रंग-ओ-बूमेंआहीजाताहैबशर
वर्नायेदुनियानहींहैदिललगानेकेलिए
एकजोगननेबहाकरज्ञानकीगंगाकहा
ज्ञानहीकैलाशहैशंकरकोपानेकेलिए
दोस्तीमेंहैबजा'पंकज'सवाल-ए-शौक़भी
होतीहैयारीमगरक़ुर्बानजानेकेलिए