kabhi taskin kabhi aazaar bhi hai | कभी तस्कीं कभी आज़ार भी है

  - Pandit Vidya Rattan Asi
कभीतस्कींकभीआज़ारभीहै
मोहब्बतफूलभीहैख़ारभीहै
पिघलजातीहैमिस्ल-ए-शम्अ'लेकिन
मोहब्बतआहनीदीवारभीहै
तिरेहोंटोंपेहैइंकारलेकिन
तिरीआँखोंमेंकुछइक़रारभीहै
ब-ज़ाहिरहैंसभीग़म-ख़्वारलेकिन
हक़ीक़तमेंकोईग़म-ख़्वारभीहै
कभीउनकीनज़रहैवजह-ए-तस्कीं
कभीचलतीहुईतलवारभीहै
जाइसपरकिमैंचुपहूँसितमपर
येख़ामोशीलब-ए-गुफ़्तारभीहै
ज़मानातंज़-फ़रमाभीहैलेकिन
उलझनाइश्क़सेबे-कारभीहै
फ़क़तगुफ़्तारपरनाज़ाँहै'आसी'
ख़याल-ए-ख़ूबी-ए-किरदारभीहै
  - Pandit Vidya Rattan Asi
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