is tarah ke lutf se koi kahaan tak shaad ho | इस तरह के लुत्फ़ से कोई कहाँ तक शाद हो

  - Pandit Vidya Rattan Asi
इसतरहकेलुत्फ़सेकोईकहाँतकशादहो
लुत्फ़केपर्देमेंजबबेदादहीबेदादहो
ऐसेजीनेसेकोईक्यामुतमइनक्याशादहो
हर-नफ़सजबआह-ओ-ज़ारीहर-नफ़सफ़रियादहो
मेरीबर्बादीकाक़िस्सामेरेग़मकीदास्ताँ
वफ़ा-ना-आश्नाशायदतुझेकुछयादहो
बिनतिरेमहसूसयूँँकरताहूँजैसेज़िंदगी
सर-बसरमुझपरकोईइल्ज़ामबे-बुनियादहो
रफ़्ता-रफ़्तामिटरहेहैंमेरीबर्बादीकेनक़्श
सितमगरफिरकोईताज़ासितमईजादहो
इसतरहसूनीहै'आसी'ज़िंदगीउनकेबग़ैर
जिसतरहकोईमकाँमुद्दतसेग़ैर-आबादहो
  - Pandit Vidya Rattan Asi
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