nafrat ki aag jalne lagii tere shahar men | नफ़रत की आग जलने लगी तेरे शहर में

  - Pallavi Mishra
नफ़रतकीआगजलनेलगीतेरेशहरमें
येबातआजखलनेलगीतेरेशहरमें
जोआश्नाथेकलमिरेसबगुमकहाँहुए
हिजरतकीचाहपलनेलगीतेरेशहरमें
मरनेकामारनेकायेक्यादौरगया
जीनेकीआसटलनेलगीतेरेशहरमें
मेरायहाँसेठोर-ठिकानाउजड़गया
आँधीअजीबचलनेलगीतेरेशहरमें
हरदिलमेंकौनभरनेलगादुश्मनीयहाँ
शफ़क़तभीहाथमलनेलगीतेरेशहरमें
क़ुदरतख़फ़ाहुईकहींलाएज़लज़ला
करवटज़मींबदलनेलगीतेरेशहरमें
कालीघटाकीक़ैदमेंवोकबतलकरहे
अबचाँदनीमचलनेलगीतेरेशहरमें
  - Pallavi Mishra
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