ठीकहैइनदिनोंख़ुदपरज़राग़ुस्साहूँमैं
फिरभीअपनीसभीहरकातकोतकताहूँमैं
आँखकीमेज़पेरक्खाहैमिराख़्वाब-ए-सफ़र
औरबिस्तरपेशिकनडालकेसोयाहूँमैं
मस्लहतढूँडतेफिरतेहोसभीकामोंमें
तुमकोबीमारनहींलगतातोअच्छाहूँमैं
वक़्त-ए-वहशतमुझेपहचाननहींपाताकोई
फिरबताताहूँफुलाँशख़्सकाबेटाहूँमैं
तुमजोचाहोतोमुझेपेड़काहिस्साकरदो
वर्नापैरोंतलेरौंदाहुआपत्ताहूँमैं
चंदलम्होंकाधुआँअक्समेंतब्दीलहुआ
औरमैंझूमकेकहनेलगादेखाहूँमैं
सख़्तबीमारीमेंरखताहूँख़यालआपअपना
ख़ुदसेख़ुदपूछतारहताहूँकिकैसाहूँमैं