kabhi kabhi main unhen dil men aan rakhta hooñ | कभी कभी मैं उन्हें दिल में आन रखता हूँ

  - Osaama ameer
कभीकभीमैंउन्हेंदिलमेंआनरखताहूँ
फिरएकख़्वाबमेंदोनोंजहानरखताहूँ
जबआसमानसभीकेसरोंपेक़ाएमहै
तोकिसकेवास्तेमैंसाएबानकरताहूँ
मैंलफ़्ज़-ओ-मा'नीबदलतेहुएसर-ए-क़िर्तास
पलटकेफिरवहीनौहाबयानरखताहूँ
अज़लसेएकहीनुक़सानखारहाहैमुझे
अज़लसेख़ुदकोफ़क़तराएगानरखताहूँ
सदा-ए-कुनपेबिनाआदमीकीरक्खीगई
इसएकसौतपेमैंअपनेकानरखताहूँ
अजीबरम्ज़हैक़िर्तासऔरलकीरकेबीच
ज़मीनखींचताहूँआसमानरखताहूँ
पुरानाअक्सनयाअक्सबनकेउभरेगा
मैंआइनेकेमुक़ाबिलगुमानरखताहूँ
वोमेरेवास्तेक्याक्यासँभालेरखताहै
मैंउसकेवास्तेकिसकिसकाध्यानरखताहूँ
  - Osaama ameer
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