ajeeb raat thii vo raat men nahin aaya | अजीब रात थी वो रात में नहीं आया

  - Osaama ameer
अजीबरातथीवोरातमेंनहींआया
किमेरेख़्वाब-ए-तिलिस्मातमेंनहींआया
वोइसलिएहीतोआयाथाफूलखिलजाएँ
फिरइसकेबा'दवोबाग़ातमेंनहींआया
मैंचाहताथाउसेछूकेदेखलूँलेकिन
वोआसमानमिरेहातमेंनहींआया
वगर्नातुमसेतअ'ल्लुक़मैंख़त्मकरदेता
पेइंतिशारबयानातमेंनहींआया
गुनहमुआ'फ़मैंउसकोख़ुदाबनाबैठा
ख़ुदाख़याल-ए-मुलाक़ातमेंनहींआया
खुलेकिवाड़मिरेघरकेबैनकरतेरहे
कोईभीहाथमिरेहातमेंनहींआया
फ़ुराततूनेबहत्तरकीतिश्नगीदेखी
तूफिरभीख़ेमा-ए-सादातमेंनहींआया
  - Osaama ameer
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