kitna ziya vo hisaab maangte hai | कितना ज़िया? वो हिसाब माँगते है

  - Om Sunil Panda
कितनाज़िया?वोहिसाबमाँगतेहै
वोमेरीख़ुद्दारीकाजवाबमाँगतेहै
हररोज़ख़ुदकोमुन्नवरसाजियामैंने
वोमिलनेकोमुझसेेनकाबमाँगतेहै
ज़ुल्मकरनानहींसीखाइनहाथोंने
कुछनासमझमुझसेेशबाबमाँगतेहै
इश्क़कोमज़हबसेतौलआतेहैलोग
बेशर्मआकरमुझसेेगुलाबमाँगतेहै
सोजाताहूँयूँहीजबकभीग़लतीसे
जगादेतेहैऔरमुझसेेख़्वाबमाँगतेहै
पूरीज़िंदगीख़ुदकीअश'आरबनादीमैंने
क्याकहूँ?सिर्फ़मुझसेेकिताबमाँगतेहै
  - Om Sunil Panda
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