jo mirii rooh ki gahraaiyon men utara tha | जो मेरी रूह की गहराइयों में उतरा था

  - Obaidurrahman Niyazi
जोमेरीरूहकीगहराइयोंमेंउतराथा
वोएकनर्ममुलाएमहवाकाझोंकाथा
उसएकलम्सकेबारेमेंक्याबताऊँतुम्हें
ठिठुरतीसर्दियोंकीतेज़धूपजैसाथा
मैंइकज़मीनबनाघूमताथाजिसकेसबब
वोएकगुलथामिरेचाँदपरजोखिलताथा
वोएकबाग़थाजिसमेंथींदोहसींझीलें
मैंउनकोदेखतेहीडूबडूबजाताथा
उसएकक़स्रकोअंदरसेझाँकनेकीतलब
मिरीनज़रनेबड़ासख़्तवक़्तकाटाथा
मैंउम्रभरकेलिएख़ुदकोभूलबैठाथा
कोईपुकारनहींथीवोएकनश्शाथा
मैंरौशनीसेमिलाथाबसइतनायादरहा
फिरउसकेबादसेचारोंतरफ़अँधेराथा
येऔरबातकिवोमेराहोनहींपाया
ख़ुदानेउसकोमिरेवास्तेहीभेजाथा
  - Obaidurrahman Niyazi
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