ye raqs-e-aafreenash hai ki shor-e-marg hai ai dil | ये रक़्स-ए-आफ़रीनश है कि शोर-ए-मर्ग है ऐ दिल

  - Obaidur Rahman Azmi
येरक़्स-ए-आफ़रीनशहैकिशोर-ए-मर्गहैदिल
हवाकुछइसतरहपेड़ोंसेमिलमिलकरगुज़रतीहै
किजैसेआख़िरीबोसाहोयेपहलीमोहब्बतभी
हरइकसूमर्ग-आराहैअदम-अंगेज़ी-ए-फ़ितरत
मगरशायदनिगाहोंमेंअभीकुछज़ौक़बाक़ीहै
किमैंइसकर्बमेंभीकैफ़पाताहूँ
जहाँतकदेखपाताहूँज़मींपरताबिश-ए-ज़रहै
फ़ज़ा-ए-नील-गूँमेंबर्ग-अफ़्शानीसेमंज़रहै
मैंइनरंगीनियोंमेंडूबजाताहूँ
मुझेहरहुस्नगोयाएकदर्स-ए-शादमानीहै
किइसतकमीलमेंवोदिलकशीहैवोजवानीहै
किफिरबर्बादी-ए-बाद-ए-ख़िज़ाँकाग़मनहींरहता
मिरीतारीकफ़ितरतमेंभीइकतक़्दीसकाशोअ'ला
किसीकैफ़-ए-दरूँसेफूटजाताहै
कोईइकक़ब्रपरजैसेदियारखदे
येआईन-ए-गुल-अफ़रोज़ीभीकितनारूह-परवरहै
हरीरीकोंपलोंसेज़र्दगूँपतझड़केपत्तोंतक
मुझेइकइर्तिक़ा-ए-हुस्नमिलताहै
मगरदौर-ए-ज़माँसेआहमैंपामाल-ओ-अफ़्सुर्दा
कहींबैठाहुआगुज़रेदिनोंकोयादकरताहूँ
अभीपरछाइयाँकुछअहद-ए-रफ़्ताकी
मिरीआँखोंमेंहैंलर्ज़ां
मिरीतस्वीरबचपनकी
अभीतकगोश-ए-दीवारमेंहैवोभीआवेज़ां
मैंपहरोंदेखतारहताहूँइसतस्वीरकोलेकिन
यक़ींमुझकोनहींआताकियेमेराहीपरतवहै
हरइकशयअजनबीसीग़ैरसीमहसूसहोतीहै
कोईइज़्तिराब-ए-दिलकोईकाहिश-ए-दरमाँ
ज़ेर-ए-लबभीकोईतल्ख़ी-ए-अय्यामकाशिकवा
उनकीयादजोअबज़िक्रभीमेरानहींकरते
जोशायदअबमुझेतक़वीम-ए-पारीनासमझतेहैं
मैंडरताहूँकिइसदुनियामेंकोईभीनहींमेरा
जोचाहूँभीतोकिसकोदास्तान-ए-ग़मसुनाऊँगा
वोरंज-ए-तह-नशींहैजोबयाँहोहीनहींसकता
वोबाद-ए-सर्दकीबे-मेहरतेज़ीहै
किख़ून-ए-दिलभीअबकुछमुंजमिदमालूमहोताहै
वोशोरीदगीबाक़ीअबवोशोर-ए-गिर्याहै
मिरेदाग़-ए-जिगरसेवोतराविशभीनहींहोती
मिरीरानाइयाँमुझसेगुरेज़ाँहैं
वोमेरीफ़ितरत-ए-मासूमवोमेरीजिगर-सोज़ी
वोमेरीदर्द-मंदीवोख़मोशीवोकम-आमेज़ी
वोअश्कोंकीदिल-आवेज़ी
हरइकशयमाइल-ए-परवाज़होजैसे
मुझेइसकाबहुतग़महै
अभीतकइसज़वाल-ए-दिलबरीकादिलकोमातमहै
मैंहैराँहूँकिक्यायज़्दाँभीकोईतिफ़्ल-ए-मकतबहै
किजोयूँँखेलकरपरनोचलेताहैपतंगोंके
वोकैसीसूरतेंहोंगीजोज़ेर-ए-ख़ाकपिन्हाँहैं
मगरवोलोगजोमिटनेसेपहलेमाँदपड़जाएँ
वोजिनकीगुफ़्तुगूभीएकसरगोशीसीबनजाए
वोअफ़्सुर्दापशेमाँमुज़्महिलमायूसआएजो
फ़रामोशीकीमंज़िलकीतरफ़चुपकेसेबढ़तेहैं
भलाउनकीतलाफ़ीवादा-ए-रंगींसेक्याहोगी
ख़ुदा-ए-दो-जहाँहैतूभीकितनाशोख़-ओ-बे-परवा
बहुतमैंनेभीकीहैंदीदा-ए-पुर-ख़ूँकीतफ़्सीरें
मगरयेदामन-ए-तरक्याकरूँँगुलशननहींबनता
यहीवोसर
ज़मींवोइंतिहा-ए-फ़िक्र-ए-यज़्दाँहै
किजिसमेंख़ाक-ओ-ख़ूँकाहरघड़ीइकखेलहोताहै
मगरफिरभीवहीबे-रंगी-ए-तिमसाल-ए-आलमहै
कहाँवोमंज़िल-ए-जाँहैकहाँहैख़ात्माआख़िर
येमुमकिनहैकोईख़ात्माइसरह-गुज़रकाहो
मैंख़ैर-ओ-शरकेफ़र्सूदातसव्वुरमेंअभीगुमहूँ
नहींमालूमकोईमुंतहा-ए-ज़िंदगीभीहै
किजुज़इकनाला-ए-गर्दिशनहींसरमाया-ए-आलम
कहींवोबाग़-ए-रिज़वाँभीइकहुस्न-ए-तबीअ'तहो
जिसेगर्दूंसमझताहूँवोइकमौहूमवुसअतहो
नहींमैंमहरम-ए-राज़-ए-दरून-ए-मय-कदालेकिन
यहीमहसूसहोताहैकिहरशयकुछदिगर-गूँहै
दिल-ए-फ़ितरतमेंहैशायदतमन्ना-ए-जहान-ए-नौ
मगरजैसेउरूस-ए-ज़िंदगीकहतीहोहँसहँसकर
किआलमइकबहार-ए-सुर्ख़ी-ए-ख़ून-ए-शहीदाँहै
येमहर-ओ-माहपरवींयेज़मींयेलाला-ओ-नस्रीं
येफ़ानूस-ए-ख़ालीलड़खड़ाकरटूटजाएगा
येदुनियाख़्वाबकीझूटीकहानीहै
मैंइसरंगीनी-ए-औराक़सेदिल-शादक्याहूँगा
मिरेदिलमेंनहींअबआरज़ू-ए-ख़ुल्दभीबाक़ी
मुझेयेरौशनीयेआसमाँकीबे-कराँवुसअत
कोईदर्स-ए-तमाशाअबनहींदेती
मिरेहुएसफ़ेद-ओ-सीमकाआहयेमंज़र
फ़रेब-ए-दीदहैमेराकफ़नहोगा
मिरीइसख़ाकमेंअबगर्मी-ए-तामीरक्याहोगी
वोदुनियामिटचुकीअबइसकेमिटनेकानहींकुछग़म
येमर्ग-ए-ना-गहाँअपनानसीबाथा
मगरइकतीरजैसेआजभीपैवस्तहोदिलमें
किवोरानाई-ए-आईन-ए-बर्ग-ए-गुलनहींमुझमें
मिरीशाम-ए-ख़िज़ाँक्यूँँइतनीवीराँहै?
  - Obaidur Rahman Azmi
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