वोरातबे-पनाहथीऔरमैंग़रीबथा
वोजिसनेयेचराग़जलायाअजीबथा
वोरौशनीकिआँखउठाईनहींगई
कलमुझसेमेराचाँदबहुतहीक़रीबथा
देखामुझेतोतब्अरवाँहोगईमिरी
वोमुस्कुरादियातोमैंशायरअदीबथा
रखतानक्यूँँमैंरूहओबदनउसकेसामने
वोयूँँभीथातबीबवोयूँँभीतबीबथा
हरसिलसिलाथाउसकाख़ुदासमिलाहुआ
चुपहोकिलब-कुशाहोबलाकाख़तीबथा
मौज-ए-नशातओसैल-ए-ग़म-ए-जाँथेएकसाथ
गुलशनमेंनग़्मा-संजअजबअंदलीबथा
मैंभीरहाहूँख़ल्वत-ए-जानाँमेंएकशाम
येख़्वाबहैयावाक़ईमैंख़ुश-नसीबथा
हर्फ़-ए-दुआओदस्त-ए-सख़ावतकेबाबमें
ख़ुदमेरातजरबाहैवोबे-हदनजीबथा
देखाहैउसकोख़ल्वतओजल्वतमेंबार-हा
वोआदमीबहुतहीअजीब-ओ-ग़रीबथा
लिक्खोतमामउम्रमगरफिरभीतुम'अलीम'
उसकोदिखानपाओवोऐसाहबीबथा