dukhe hue hain ha | दुखे हुए हैं हमें और अब दुखाओ मत

  - Obaidullah Aleem
दुखेहुएहैंहमेंऔरअबदुखाओमत
जोहोगएहोफ़सानातोयादआओमत
ख़याल-ओ-ख़्वाबमेंपरछाइयाँसीनाचतीहैं
अबइसतरहतोमिरीरूहमेंसमाओमत
ज़मींकेलोगतोक्यादोदिलोंकीचाहतमें
ख़ुदाभीहोतोउसेदरमियानलाओमत
तुम्हारासरनहींतिफ़्लान-ए-रह-गुज़रकेलिए
दयार-ए-संगमेंघरसेनिकलकेजाओमत
सिवाएअपनेकिसीकेभीहोनहींसकते
हमऔरलोगहैंलोगोंहमेंसताओमत
हमारेअहदमेंयेरस्म-ए-आशिक़ीठहरी
फ़क़ीरबनकेरहोऔरसदालगाओमत
वहीलिखोजोलहूकीज़बाँसेमिलताहै
सुख़नकोपर्दा-ए-अल्फ़ाज़मेंछुपाओमत
सुपुर्दकरहीदियाआतिश-ए-हुनरकेतोफिर
तमामख़ाकहीहोजाओकुछबचाओमत
  - Obaidullah Aleem
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