kuchh din to baso mirii aankhoñ men | कुछ दिन तो बसो मिरी आँखों में

  - Obaidullah Aleem
कुछदिनतोबसोमिरीआँखोंमें
फिरख़्वाबअगरहोजाओतोक्या
कोईरंगतोदोमिरेचेहरेको
फिरज़ख़्मअगरमहकाओतोक्या
जबहमहीमहकेफिरसाहब
तुमबाद-ए-सबाकहलाओतोक्या
इकआइनाथासोटूटगया
अबख़ुदसेअगरशरमाओतोक्या
तुमआसबंधानेवालेथे
अबतुमभीहमेंठुकराओतोक्या
दुनियाभीवहीऔरतुमभीवही
फिरतुमसेआसलगाओतोक्या
मैंतन्हाथामैंतन्हाहूँ
तुमआओतोक्याआओतोक्या
जबदेखनेवालाकोईनहीं
बुझजाओतोक्यागहनाओतोक्या
अबवहमहैयेदुनियाइसमें
कुछखोओतोक्याऔरपाओतोक्या
हैयूँँभीज़ियाँऔरयूँँभीज़ियाँ
जीजाओतोक्यामरजाओतोक्या
  - Obaidullah Aleem
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