kamaal-e-aadmi ki intiha hai | कमाल-ए-आदमी की इंतिहा है

  - Obaidullah Aleem
कमाल-ए-आदमीकीइंतिहाहै
वोआइंदामेंभीसबसेबड़ाहै
कोईरफ़्तारहोगीरौशनीकी
मगरवोउससेभीआगेगयाहै
जहाँबैठेसदा-ए-ग़ैबआई
येसायाभीउसीदीवारकाहै
मुजस्समहोगएसबख़्वाबमेरे
मुझेमेराख़ज़ानामिलगयाहै
हक़ीक़तएकहैलज़्ज़तमेंलेकिन
हिकायतसिलसिला-दर-सिलसिलाहै
यूँँहीहैराँनहींहैंआँखवाले
कहींइकआइनारक्खाहुआहै
विसाल-ए-यारसेपहलेमोहब्बत
ख़ुदअपनीज़ातकाइकरास्ताहै
सलामतआइनेमेंएकचेहरा
शिकस्ताहोतोकितनादेखताहै
  - Obaidullah Aleem
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