hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Nityanand Vajpayee
vo jo laave sa dahakta hai use aag na jaan
vo jo laave sa dahakta hai use aag na jaan | वो जो लावे सा दहकता है उसे आग न जान
- Nityanand Vajpayee
वो
जो
लावे
सा
दहकता
है
उसे
आग
न
जान
वो
मेरे
अश्क
का
कतरा
भी
तो
हो
सकता
है
- Nityanand Vajpayee
Download Sher Image
उन
के
रुख़्सार
पे
ढलके
हुए
आँसू
तौबा
मैंने
शबनम
को
भी
शोलों
पे
मचलते
देखा
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
35 Likes
तेरी
यादों
में
निकले
अश्क़
भी
ज़ाया'
नहीं
जाते
मैं
आँसू
पोछ
करके
आस्तीं
को
चूम
लेता
हूँ
Shabab Shahzad Khan
Send
Download Image
7 Likes
गर्म
आँसू
और
ठंडी
आहें
मन
में
क्या
क्या
मौसम
हैं
इस
बग़िया
के
भेद
न
खोलो
सैर
करो
ख़ामोश
रहो
Ibn E Insha
Send
Download Image
29 Likes
अश्क
माँ
के
जो
ख़ुशी
से
गिरे
तो
हैं
मोती
और
छलके
जो
ग़मों
से
तो
लहू
हो
जाए
S M Afzal Imam
Send
Download Image
6 Likes
न
खाओ
क़स
में
वग़ैरा
न
अश्क
ज़ाया'
करो
तुम्हें
पता
है
मेरी
जान
हक़-पज़ीर
हूँ
मैं
Read Full
Amaan Haider
Send
Download Image
1 Like
ये
आग
वाग
का
दरिया
तो
खेल
था
हम
को
जो
सच
कहें
तो
बड़ा
इम्तिहान
आँसू
हैं
Abhishek shukla
Send
Download Image
22 Likes
मैं
इस
ख़याल
से
जाते
हुए
उसे
न
मिला
कि
रोक
लें
न
कहीं
सामने
खड़े
आँसू
Jawwad Sheikh
Send
Download Image
51 Likes
कुछ
ख़ुशियाँ
कुछ
आँसू
दे
कर
टाल
गया
जीवन
का
इक
और
सुनहरा
साल
गया
Unknown
Send
Download Image
24 Likes
रूमाल
ले
लिया
है
किसी
माह-जबीन
से
कब
तक
पसीना
पोंछते
हम
आस्तीन
से
ये
आँसुओं
के
दाग़
हैं,
आँसू
ही
धोएँगे
ये
दाग़
धुल
न
पाएँगे
वाशिंग
मशीन
से
Read Full
Waseem Nadir
Send
Download Image
44 Likes
सारे
आँसू
तुझ
पर
ज़ाया'
क्यूँँ
कर
दें
हमनें
तेरे
बाद
भी
दिलबर
करने
हैं
Shikha Pachouly
Send
Download Image
46 Likes
Read More
किसी
के
तिरछे
नज़रिए
को
मैं
बदल
न
सका
सो
ये
किया
कि
उस
से
मैंने
दूरियाँ
कर
लीं
Nityanand Vajpayee
Send
Download Image
1 Like
मुंसिफ़
ने
जिसे
मान
ही
रक्खा
हो
गुनहगार
फिर
उसको
बचा
पाए
भला
कौन
सा
वकील
Nityanand Vajpayee
Send
Download Image
0 Likes
महज़
इक
नासूर
बनते
जा
रहे
हो
और
तुम
मेरे
जिगर
को
खा
रहे
हो
तोड़
कर
मेरे
हृदय
की
तीलियाँ
तुम
बाज़ुओं
में
ग़ैर
के
इठला
रहे
हो
मतलबी
मासूम
क़ातिल
हो
मेरे
तुम
जिस्म-ओ-जाँ
में
आज
तक
भी
छा
रहे
हो
Read Full
Nityanand Vajpayee
Download Image
1 Like
वो
इंसाॅं
कैसे
हो
सकता
जिसे
इंसाॅं
से
नफ़रत
है
वो
मज़हब
क्या
न
जिस
में
बाइस-ए-अम्न-ओ-मोहब्बत
है
कहाँ
जन्नत
मिलेगी
उनको
जो
हैं
अम्न
के
क़ातिल
ये
मासूमों
पे
हैबत
किस
पयम्बर
वाली
उम्मत
है
Read Full
Nityanand Vajpayee
Send
Download Image
1 Like
एक
तो
जीने
दो
या
जाने
दो
मुझको
आप
तो
दोनों
तरफ़
राज़ी
नहीं
हैं
Nityanand Vajpayee
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Mehnat Shayari
Khyaal Shayari
Bekhabri Shayari
Samundar Shayari
Love Shayari