rahi bas ab gamon ki raat thodii | रही बस अब ग़मों की रात थोड़ी

  - Nityanand Vajpayee
रहीबसअबग़मोंकीरातथोड़ी
हुईहैहिज्रकीमिलक़ातथोड़ी
हिक़ारतछोड़करआओकरेंहम
मुहब्बतकीमुक़द्दसबातथोड़ी
अधिकतरभेड़िएफिरतेजहाँमें
बचीहैअबबशरकीज़ातथोड़ी
गँवाएजारहेक्यूँनफ़रतोंमें
मिलीजोउम्रकीसौग़ातथोड़ी
शराफ़तमेंहीगुज़रेअबख़ुदा-रा
बचीहैसाँसोंकीख़ैरातथोड़ी
महककिरदारकीहोतीमुकम्मल
हैचेहरेकीबहुतऔक़ातथोड़ी
फ़क़त"उपमन्यु"तुमलेजासकोगे
कफ़नऔरफूलोंकीने'मातथोड़ी
  - Nityanand Vajpayee
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