ajeeb tum bhi tamasha banaaye firte ho | अजीब तुम भी तमाशा बनाए फिरते हो

  - Nityanand Vajpayee
अजीबतुमभीतमाशाबनाएफिरतेहो
ज़रासीबातपेयूँँमुँहफुलाएफिरतेहो
क़ुसूरअपनाछुपानेकोतुमसरासरयूँँ
लोकोहिनूरकोपत्थरबताएफिरतेहो
खिलेहोजिसकेबग़ीचेमेंफूलबनकरके
उसेमिटानेकीसाज़िशरचाएफिरतेहो
किसीकीसाखमिटानेकीमातहतयूँँही
फजूलझूठकापरचमउठाएफिरतेहो
ज़मीरबेचदियाख़ुदकाचंदपैसोंमें
कईकीपीठमेंख़ंजरधसाएफिरतेहो
शिखण्डियोंकीलिएफ़ौजसाथमेंउसपर
तुमअपनेख़ुदकोजियालाजताएफिरतेहो
दबेहैंक़ब्रमेंलाखोंहमऔरतुमजैसे
ग़ुरूर-ए-'ऐबमेंफिरक्यूँनहाएफिरतेहो
किसीकादर्दघटाओकि'नित्य'मरहमबन
तुमऔरघावकोउसकेबढ़ाएफिरतेहो
  - Nityanand Vajpayee
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