आबरूतोआबरूहैआबरूपरक्यालिखूँ
यहमुक़द्दसहैख़ुदासीहू-ब-हूपरक्यालिखूँ
दोस्तउल्फ़तचीज़हीऐसीबनीहैबा-गज़ब
हरकोईमाइलहैफिरइसआरज़ूपरक्यालिखूँ
जोअकेलेपनमेंख़ुदसकरतारहताहूँमैंख़ुद
ज़ह्रसीतन्हाईकीउसगुफ़्तगूपरक्यालिखूँ
मेरेइनअल्फ़ाज़कीसीरतहैचुपरहतेनहीं
औरमैंख़ामोशियोंकीजुस्तुजूपरक्यालिखूँ
रूठकरबैठीहैमुझसेेयहसुख़न-गोईमेरी
इस-क़दरमैं'नित्य'सूरतसुर्ख़-रूपरक्यालिखूँ