hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Nirvesh Navodayan
jaan luta chaahat par hamne
jaan luta chaahat par hamne | जान लुटा चाहत पर हमने
- Nirvesh Navodayan
जान
लुटा
चाहत
पर
हमने
लिक्खा
है
ये
ख़त
पर
हमने
इश्क़
नहीं
करते,
भूल
हुई
सोचा
नइँ
सरवत
पर
हमने
बस
तुम
सेे
बातें
करनी
थीं
रात
बिता
दी
छत
पर
हमने
जो
ग़ज़लें
यार
कहीं
अब
तक
सारी
इक
निस्बत
पर
हमने
शायर
बनना
ठीक
लगा
पर
मय
नइँ
पी
फ़ुर्कत
पर
हमने
आप
हमें
मिल
जाएँ,
अब
ये
छोड़
दिया
क़िस्मत
पर
हमने
- Nirvesh Navodayan
Download Ghazal Image
रात
के
जिस्म
में
जब
पहला
पियाला
उतरा
दूर
दरिया
में
मेरे
चाँद
का
हाला
उतरा
Kumar Vishwas
Send
Download Image
48 Likes
दिन
में
मिल
लेते
कहीं
रात
ज़रूरी
थी
क्या?
बेनतीजा
ये
मुलाक़ात
ज़रूरी
थी
क्या
मुझ
सेे
कहते
तो
मैं
आँखों
में
बुला
लेता
तुम्हें
भीगने
के
लिए
बरसात
ज़रूरी
थी
क्या
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
82 Likes
मैं
रोज़
रात
यही
सोच
कर
तो
सोता
हूँ
कि
कल
से
वक़्त
निकालूँगा
ज़िन्दगी
के
लिए
Swapnil Tiwari
Send
Download Image
33 Likes
इक
रात
उस
ने
चंद
सितारे
बुझा
दिए
उस
को
लगा
था
कोई
उन्हें
गिन
नहीं
रहा
Khurram Afaq
Send
Download Image
39 Likes
ये
एक
बात
समझने
में
रात
हो
गई
है
मैं
उस
से
जीत
गया
हूँ
कि
मात
हो
गई
है
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
59 Likes
आज
सड़कों
पर
लिखे
हैं
सैकड़ों
नारे
न
देख
पर
अँधेरा
देख
तू
आकाश
के
तारे
न
देख
Dushyant Kumar
Send
Download Image
26 Likes
शायद
किसी
बला
का
था
साया
दरख़्त
पर
चिड़ियों
ने
रात
शोर
मचाया
दरख़्त
पर
Abbas Tabish
Send
Download Image
31 Likes
ये
हवा
सारे
चराग़ों
को
उड़ा
ले
जाएगी
रात
ढलने
तक
यहाँ
सब
कुछ
धुआँ
हो
जाएगा
Naseer Turabi
Send
Download Image
31 Likes
जैसे
कोई
रोता
है
गले
प्यार
से
लग
कर
कल
रात
मैं
रोया
तेरी
दीवार
से
लग
कर
Aziz Ejaaz
Send
Download Image
27 Likes
मौत
का
एक
दिन
मुअय्यन
है
नींद
क्यूँँ
रात
भर
नहीं
आती
Mirza Ghalib
Send
Download Image
99 Likes
Read More
बरबस
तेरी
ओर
ध्यान
चला
जाता
है
और
फिर
मेरा
ईमान
चला
जाता
है
है
इश्क़
वही
स्टेशन
कि
जहाँ
पर
यारों
सो
गए
गर
तो
सामान
चला
जाता
है
Read Full
Nirvesh Navodayan
Send
Download Image
5 Likes
सोचो
कुछ
तो
बात
रही
होगी
वरना
तोहफ़े
में
अँगूठी
कोई
नहीं
देता
Nirvesh Navodayan
Send
Download Image
15 Likes
वैसे
तो
हम
यार
भुला
भी
देते
पर
ज़ख़्म
दिए
हैं
उसने
मेरे
सीने
पर
इतने
दिन
तक
साथ
रहे
हैं
हम
दोनों
आदत
सब
जाएँगी
उसके
बच्चे
पर
अब
तुम
बतलाओगे
उसके
बारे
में
देखो
इक
तिल
और
है
उसके
कंधे
पर
जिस
घर
में
बस
माँ
हो
,
मैंने
देखा
है
फिर
ज़िम्मेदारी
होती
है
बेटे
पर
Read Full
Nirvesh Navodayan
Download Image
3 Likes
पछताओगे
इक
दिन
जब
तुम
देखोगे
दोस्त,
हमारी
तस्वीर
बड़े
पर्दे
पर
Nirvesh Navodayan
Send
Download Image
7 Likes
फिर
इक
रात
मुझे
आया
मैसेज
यही
समझो
तुम
आख़िर
मेरा
मैसेज
यही
जान
कहा
था
मुझको
भी
इक
दिन
उसने
तुमको
भी
भेजा
होगा
मैसेज
यही
Read Full
Nirvesh Navodayan
Send
Download Image
4 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Bahan Shayari
Aashiq Shayari
Phool Shayari
Nasha Shayari
Jeet Shayari