जोआवाज़उठानेकादमरखतेहैं
वोजीने-मरनेकाडरकमरखतेहैं
ख़ौफ़नहीं,थोड़ासाभीहालातोंसें
सोसचकादामनथा
मेंहमरखतेहैं
अपनापनअबबिल्कुलनबचालोगोंमें
सोहमगैरोंसेमतलबकमरखतेहैं
हमऐसामातममनारहेहैंजिस
में
चौबीसोंघंटेआँखेंनमरखतेहैं
तलवारकहाँ-कहाँउठाएँगे,सोअब
हमहरदमअपनेसाथक़लमरखतेहैं