jab se qareeb ho ke chale zindagi se ham | जब से क़रीब हो के चले ज़िंदगी से हम

  - Nida Fazli
जबसेक़रीबहोकेचलेज़िंदगीसेहम
ख़ुदअपनेआइनेकोलगेअजनबीसेहम
कुछदूरचलकेरास्तेसबएकसेलगे
मिलनेगएकिसीसेमिलआएकिसीसेहम
अच्छेबुरेकेफ़र्क़नेबस्तीउजाड़दी
मजबूरहोकेमिलनेलगेहरकिसीसेहम
शाइस्तामहफ़िलोंकीफ़ज़ाओंमेंज़हरथा
ज़िंदाबचेहैंज़ेहनकीआवारगीसेहम
अच्छीभलीथीदुनियागुज़ारेकेवास्ते
उलझेहुएहैंअपनीहीख़ुद-आगहीसेहम
जंगलमेंदूरतककोईदुश्मनकोईदोस्त
मानूसहोचलेहैंमगरबम्बईसेहम
  - Nida Fazli
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